— यह (समापत्ति) — स्त्री.कर्ता एक.; — ही, निश्चय ही (निश्चयार्थक अव्यय); — अमृत-प्राप्ति — अमरता के अमृत की प्राप्ति (कर्ता कारक — समासगत); — यह — पु.कर्ता एक. सर्वनाम; — ही, निश्चय ही (निश्चयार्थक अव्यय); — आत्मा का ग्रहण — आत्म-साक्षात्कार (कर्ता कारक); — यह (समापत्ति) — स्त्री.कर्ता एक.; — निर्वाण-दीक्षा — मुक्ति में दीक्षा (कर्ता कारक — समासगत); — और (अव्यय); — शिव के सद्भाव (सत् स्वरूप) को प्रदान करने वाली (विशेषण, स्त्रीलिङ्ग — समासगत)
यही अमृत-प्राप्ति है, यही आत्मा का ग्रहण (आत्म-साक्षात्कार) है, और यही शिव के सद्भाव (सत् स्वरूप) को प्रदान करने वाली निर्वाण-दीक्षा है।