3.31 स्थितिलयौ ॥३१॥ sthiti-layau sūtra sthiti-layau — स्थिति-लय — (विश्व की) स्थिति और लय (दोनों भी उसी के विस्तार) (पुं. द्विवचन, द्वन्द्व समास) (इस विश्व की) स्थिति और लय (भी उसी के विस्तार हैं)।