Śiva Sūtras · 3.28

Śiva Sūtras 3.28

3.28
दानमात्मज्ञानम् ॥२८॥
dānam ātma-jñānam
sūtra
— दान — (उसका) दान, उपहार (नपुं. एकवचन) ; — आत्म-ज्ञान — आत्म-ज्ञान (नपुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

(उसका) दान आत्मज्ञान (ही) है।