Śiva Sūtras · 3.15

Śiva Sūtras 3.15

3.15
बीजावधानम् ॥१५॥
bījāvadhānam
sūtra
— बीज-अवधान — बीज (परम शक्ति, सर्व का उद्गम) पर अवधान/ध्यान (नपुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

बीज (परम शक्ति, सर्व का उद्गम-स्रोत) पर (निरन्तर) अवधान (ध्यान) हो।