Śiva Sūtras · 2.8

Śiva Sūtras 2.8

2.8
शरीरं हविः ॥८॥
śarīraṃ haviḥ
sūtra
— शरीर — (स्थूल, सूक्ष्म और कारण) शरीर (नपुं. एकवचन) ; — हवि — आहुति (चेतना की अग्नि में अर्पित) (नपुं. एकवचन)

(ऐसे योगी के लिए) शरीर ही हवि (आहुति) है।