Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 1.6 / 47

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)1.6

1.6
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् । सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥ १-६ ॥
yudhāmanyuśca vikrānta uttamaujāśca vīryavān | saubhadro draupadeyāśca sarva eva mahārathāḥ || 1-6 ||
— युधामन्यु ; — पराक्रमी ; — उत्तमौजा ; — बलवान् ; — सुभद्रापुत्र (अभिमन्यु) ; — द्रौपदी के पुत्र ; — ये सब निश्चय ही ; — महारथी

पराक्रमी युधामन्यु और बलवान् उत्तमौजा, सुभद्रापुत्र (अभिमन्यु) और द्रौपदी के पुत्र — ये सब महारथी हैं।