Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)1.6
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् ।
सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥
१-६ ॥
yudhāmanyuśca vikrānta uttamaujāśca vīryavān |
saubhadro draupadeyāśca sarva eva mahārathāḥ ||
1-6 ||
— युधामन्यु ; — पराक्रमी ; — उत्तमौजा ; — बलवान् ; — सुभद्रापुत्र (अभिमन्यु) ; — द्रौपदी के पुत्र ; — ये सब निश्चय ही ; — महारथी पराक्रमी युधामन्यु और बलवान् उत्तमौजा, सुभद्रापुत्र (अभिमन्यु) और द्रौपदी के पुत्र — ये सब महारथी हैं।