The Great Liberation Tantra· 3.39 / 153

The Great Liberation Tantra3.39

3.39
ऋषिः सदाशिवो ह्यस्य छन्दोऽनुष्टुवुदाहृतम् । देवता परमं ब्रह्म सर्वान्तर्यामि निर्गुणम् ॥३९॥
ṛṣiḥ sadāśivo hyasya chando'nuṣṭuvudāhṛtam | devatā paramaṃ brahma sarvāntaryāmi nirguṇam ||39||
— ऋषि ; — सदाशिव ; — निश्चय ही ; — इसका ; — छन्द ; — अनुष्टुप् ; — कहा गया ; — देवता ; — परम ; — ब्रह्म ; — सबका अन्तर्यामी ; — निर्गुण

इसका ऋषि सदाशिव हैं, छन्द अनुष्टुप् कहा गया है, और देवता परम ब्रह्म — सबका अन्तर्यामी, निर्गुण है।