The Great Liberation Tantra· 3.15 / 153

The Great Liberation Tantra3.15

3.15
न तिथिर्न च नक्षत्रं न राशिगणनं तथा । कुलाकुलादिनियमो न संस्कारोऽत्र विद्यते । सर्वथा सिद्धमन्त्रोऽयं नात्र कार्या विचारणा ॥१५॥
na tithirna ca nakṣatraṃ na rāśigaṇanaṃ tathā | kulākulādiniyamo na saṃskāro'tra vidyate | sarvathā siddhamantro'yaṃ nātra kāryā vicāraṇā ||15||
— न ; — तिथि ; — न ; — और ; — नक्षत्र ; — न ; — राशि-गणना ; — इसी प्रकार ; — कुल-अकुल आदि का नियम ; — नहीं ; — (मन्त्र-) संस्कार ; — यहाँ ; — अपेक्षित है ; — सर्वथा ; — सिद्ध मन्त्र ; — यह ; — यहाँ नहीं ; — करने योग्य ; — विचारणा

न तिथि, न नक्षत्र, न राशि-गणना, न कुल-अकुल आदि का नियम, और न (मन्त्र-) संस्कार ही यहाँ अपेक्षित है; यह सर्वथा सिद्ध मन्त्र है, इसमें कोई विचारणा नहीं करनी चाहिए।