न तिथिर्न च नक्षत्रं न राशिगणनं तथा ।
कुलाकुलादिनियमो न संस्कारोऽत्र विद्यते ।
सर्वथा सिद्धमन्त्रोऽयं नात्र कार्या विचारणा ॥१५॥
na tithirna ca nakṣatraṃ na rāśigaṇanaṃ tathā |
kulākulādiniyamo na saṃskāro'tra vidyate |
sarvathā siddhamantro'yaṃ nātra kāryā vicāraṇā ||15||
— न; — तिथि; — न; — और; — नक्षत्र; — न; — राशि-गणना; — इसी प्रकार; — कुल-अकुल आदि का नियम; — नहीं; — (मन्त्र-) संस्कार; — यहाँ; — अपेक्षित है; — सर्वथा; — सिद्ध मन्त्र; — यह; — यहाँ नहीं; — करने योग्य; — विचारणा
न तिथि, न नक्षत्र, न राशि-गणना, न कुल-अकुल आदि का नियम, और न (मन्त्र-) संस्कार ही यहाँ अपेक्षित है; यह सर्वथा सिद्ध मन्त्र है, इसमें कोई विचारणा नहीं करनी चाहिए।