The Great Liberation Tantra· 3.114 / 153

The Great Liberation Tantra3.114

3.114
सेचनं तद्दशांशेन तद्दशांशेन सुन्दरि । ब्राह्मणान् भोजयेन्मन्त्री पुरश्चरणकर्मणि ॥११४॥
secanaṃ taddaśāṃśena taddaśāṃśena sundari | brāhmaṇān bhojayenmantrī puraścaraṇakarmaṇi ||114||
— सेचन ; — उसके दशांश से ; — उसके दशांश से ; — हे सुन्दरि ; — ब्राह्मणों को ; — मन्त्री भोजन कराए ; — पुरश्चरण-कर्म में

हे सुन्दरि, उसका दशांश सेचन, और उसका दशांश — पुरश्चरण-कर्म में मन्त्री ब्राह्मणों को भोजन कराए।