The Great Liberation Tantra2.40
कारणं सर्वभूतानां स एकः परमेश्वरः ।
लोकेषु सृष्टिकरणात् स्रष्टा ब्रह्मेति गीयते ॥४०॥
kāraṇaṃ sarvabhūtānāṃ sa ekaḥ parameśvaraḥ |
lokeṣu sṛṣṭikaraṇāt sraṣṭā brahmeti gīyate ||40||
— कारण ; — समस्त भूतों का ; — वह ; — एक ; — परमेश्वर ; — लोकों में ; — सृष्टि करने के कारण ; — स्रष्टा ; — ब्रह्मा (ऐसा) ; — गाया जाता है, कहलाता है वह एक परमेश्वर ही समस्त भूतों का कारण है; लोकों में सृष्टि करने के कारण वह स्रष्टा 'ब्रह्मा' कहलाता है।