The Great Liberation Tantra2.34
स एक एव सद्रूपः सत्योऽद्वैतः परात्परः ।
स्वप्रकाशः सदापूर्णः सच्चिदानन्दलक्षणः ॥३४॥
sa eka eva sadrūpaḥ satyo'dvaitaḥ parātparaḥ |
svaprakāśaḥ sadāpūrṇaḥ saccidānandalakṣaṇaḥ ||34||
— वह ; — एक ; — ही ; — सद्रूप ; — सत्य ; — अद्वैत ; — परात्पर ; — स्वप्रकाश ; — सदा पूर्ण ; — सच्चिदानन्द-लक्षण वाला वह एक ही है — सद्रूप, सत्य, अद्वैत, परात्पर, स्वप्रकाश, सदा पूर्ण, और सच्चिदानन्द-लक्षण वाला;