The Great Liberation Tantra· 2.26 / 54

The Great Liberation Tantra2.26

2.26
यथा यथा कृताः प्रश्ना येन येन यदा यदा । तदा तस्योपकाराय तथैवोक्तं मया प्रिये ॥२६॥
yathā yathā kṛtāḥ praśnā yena yena yadā yadā | tadā tasyopakārāya tathaivoktaṃ mayā priye ||26||
— जैसे-जैसे ; — किए गए ; — प्रश्न ; — जिस-जिस के द्वारा ; — जब-जब ; — तब ; — उसके उपकार के लिए ; — वैसे ही ; — कहा गया ; — मेरे द्वारा ; — हे प्रिये

हे प्रिये, जिस-जिस ने जब-जब जैसे-जैसे प्रश्न किए, तब उसके उपकार के लिए मैंने वैसे ही (उत्तर) कहे —