The Great Liberation Tantra· 1.6 / 72

The Great Liberation Tantra1.6

1.6
सदाशिवं सदानन्दं करुणामृतसागरम् । कर्पूरकुन्दधवलं शुद्धसत्त्वमयं विभुम् ॥६॥
sadāśivaṃ sadānandaṃ karuṇāmṛtasāgaram | karpūrakundadhavalaṃ śuddhasattvamayaṃ vibhum ||6||
— सदाशिव को ; — सदा आनन्दमय को ; — करुणामृत के सागर को ; — कपूर और कुन्द के समान धवल को ; — शुद्ध सत्त्वमय को ; — विभु को, व्यापक को

सदाशिव — जो सदा आनन्दमय, करुणामृत के सागर, कपूर और कुन्द के समान धवल, शुद्ध सत्त्वमय और विभु हैं,