The Essence of the Tantra· 8.14 / 93

The Essence of the Tantra8.14

8.14

तत्र निजतन्त्रदृशा तं कल्पितं दर्शयामः

Transliteration (IAST)

tatra nijatantradṛśā taṃ kalpitaṃ darśayāmaḥ

— अपने तन्त्र/परम्परा की दृष्टि से ; — कल्पित (कार्य-कारण-भाव) ; — हम दिखाते हैं, प्रदर्शित करते हैं

अब हम अपने तन्त्र की दृष्टि से उस कल्पित (कार्य-कारण-भाव) को दिखाते हैं।