The Essence of the Tantra· 5.43 / 43

The Essence of the Tantra5.43

5.43

करणं तु मुद्राप्रकाशने वक्ष्यामः

Transliteration (IAST)

karaṇaṃ tu mudrāprakāśane vakṣyāmaḥ

— करण — (शरीर रूप) इन्द्रिय/उपकरण ; — मुद्रा-प्रकाशन में ; — हम कहेंगे

करण के विषय में हम मुद्रा-प्रकाशन में कहेंगे।