The Essence of the Tantra· 20.27 / 65

The Essence of the Tantra20.27

20.27

पूरणात् विधेः

Transliteration (IAST)

pūraṇāt vidheḥ

— पूर्ति के कारण (विधि के पूरण से) ; — विधि का (विहित कर्म का)

(पर्व ऐसा कहलाता है) विधि की पूर्ति के कारण।