The Essence of the Tantra· 20.26 / 65

The Essence of the Tantra20.26

20.26

तत्र सामान्यं सामान्यसामान्यं सामान्यविशेषो विशेषसामान्यं विशेषो विशेषविशेषश् च इति षोढा पर्व

Transliteration (IAST)

tatra sāmānyaṃ sāmānyasāmānyaṃ sāmānyaviśeṣo viśeṣasāmānyaṃ viśeṣo viśeṣaviśeṣaś ca iti ṣoḍhā parva

— सामान्य ; — सामान्य-सामान्य ; — सामान्य-विशेष ; — विशेष-सामान्य ; — विशेष ; — विशेष-विशेष ; — पर्व (पर्व-दिन) छह प्रकार का

वहाँ सामान्य, सामान्य-सामान्य, सामान्य-विशेष, विशेष-सामान्य, विशेष एवं विशेष-विशेष — इस प्रकार पर्व छह प्रकार का है।