मुमुक्षोर् अपि तन्मयीभावसिद्धये अयम् जीवतः प्रत्यहम् अनुष्ठानाभ्यासवत्
Transliteration (IAST)
mumukṣor api tanmayībhāvasiddhaye ayam jīvataḥ pratyaham anuṣṭhānābhyāsavat
मुमुक्षु के लिए भी यह तन्मयी-भाव की सिद्धि के लिए (है), जैसे जीवित (व्यक्ति) के प्रतिदिन अनुष्ठान-अभ्यास के समान।