The Essence of the Tantra· 14.26 / 29

The Essence of the Tantra14.26

14.26

एवं शिवान्ततत्त्वशुद्धिः ततो योजनिकोक्तक्रमेण पूर्णाहुतिः

Transliteration (IAST)

evaṃ śivāntatattvaśuddhiḥ tato yojanikoktakrameṇa pūrṇāhutiḥ

— इस प्रकार ; — शिव-अन्त तत्त्वों की शुद्धि ; — फिर, तदनन्तर ; — योजनिका में कहे क्रम से (संयोजन-विधि से) ; — पूर्णाहुति

इस प्रकार शिव-अन्त तत्त्वों की शुद्धि (होती है); फिर योजनिका में कहे क्रम से पूर्णाहुति।