The Essence of the Tantra· 13.49 / 101

The Essence of the Tantra13.49

13.49

ततः स्वस्वदिक्षु लोकपालान् सास्त्रान् पूजयेत्

Transliteration (IAST)

tataḥ svasvadikṣu lokapālān sāstrān pūjayet

— अपनी-अपनी दिशाओं में ; — लोकपालों को (दिशाओं के रक्षकों को) ; — अस्त्र-सहित ; — पूजा करे

फिर अपनी-अपनी दिशाओं में अस्त्र-सहित लोकपालों की पूजा करे।