Śiva Sūtras · 1.8

Śiva Sūtras 1.8

1.8
ज्ञानं जाग्रत् ॥८॥
jñānaṃ jāgrat
sūtra
— ज्ञान — (लौकिक) ज्ञान (नपुं. एकवचन) ; — जाग्रत् — जाग्रत् अवस्था (नपुं. एकवचन, वर्तमान कृदन्त)

(लौकिक) ज्ञान ही जाग्रत् अवस्था है।