Śiva Sūtras · 1.11

Śiva Sūtras 1.11

1.11
त्रितयभोक्ता वीरेशः ॥११॥
tritaya-bhoktā vīreśaḥ
sūtra
— त्रितय-भोक्ता — तीनों (अवस्थाओं) का भोक्ता (पुं. एकवचन, तत्पुरुष समास) ; — वीरेश — (इन्द्रिय-)वीरों का स्वामी (पुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

तीनों (अवस्थाओं) का भोक्ता (ही) वीरेश (इन्द्रिय-वीरों का स्वामी) है।