The Great Liberation Tantra· 1.9 / 72

The Great Liberation Tantra1.9

1.9
आशुतोषं ज्ञानमयं कैवल्यफलदायकम् । निर्विकल्पं निरातङ्कं निर्विशेषं निरञ्जनम् ॥९॥
āśutoṣaṃ jñānamayaṃ kaivalyaphaladāyakam | nirvikalpaṃ nirātaṅkaṃ nirviśeṣaṃ nirañjanam ||9||
— शीघ्र प्रसन्न होने वाले (आशुतोष) को ; — ज्ञानमय को ; — कैवल्य रूपी फल देने वाले को ; — निर्विकल्प को ; — निरातंक, भय-रहित को ; — निर्विशेष को ; — निरंजन, निर्मल को

शीघ्र प्रसन्न होने वाले, ज्ञानमय, कैवल्य रूपी फल देने वाले, निर्विकल्प, निरातंक, निर्विशेष और निरंजन —